बीजेपी ने अपने प्रवक्ताओं को हिदायत दी है कि वे भड़काऊ बयान देने से बचें। साथ ही पार्टी नेताओं से सोशल मीडिया पर भी पार्टी के स्टैंड के हिसाब से ही कमेंट करने को कहा गया है। पार्टी नेताओं का मानना है कि विवादित बयान देने से पार्टी और सरकार के विकास के मुद्दों पर असर पड़ता है। बीजेपी ने पैगंबर मोहम्मद को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर अपने दो प्रवक्ताओं पर एक्शन लिया है।




पार्टी ने नूपुर शर्मा को किया निलंबित
राष्ट्रीय प्रवक्ता रही नूपुर शर्मा को पार्टी से निलंबित किया है जबकि दिल्ली मीडिया प्रभारी रहे नवीन कुमार जिंदल को पार्टी से निष्कासित किया है। बीजेपी के एक सीनियर नेता ने कहा कि बीजेपी केंद्र में मोदी सरकार के आठ साल की अचीवमेंट को लेकर लोगों के बीच जा रही है और कुछ लोगों के विवादित बयान से ये सारे कार्यक्रमों पर असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कई बार साफ कर चुके हैं कि पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को लोगों के काम करने और विकास के मुद्दों पर फोकस रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये एक्शन लेना जरूरी था क्योंकि इससे सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को साफ संदेश जाएगा कि उन्हें विवादित टिप्पणी से दूर रहना है और सरकार के विकास के मुद्दे पर ही बात करनी है।


प्रवक्ताओं के लिए खींच दी लक्ष्मण रेखा
बीजेपी सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने सभी प्रवक्ताओं से कहा है कि वह संभलकर बोलें और ऐसे किसी भी कमेंट से बचें जो पार्टी के स्टैंड के खिलाफ जाता हो। सूत्रों के मुताबिक टीवी चैनल्स में डिबेट के लिए भी उन नेताओं को भेजने को कहा गया है जो सोच समझ कर बोलते हैं। जल्दी भड़कने वाले नेताओं- प्रवक्ताओं से फिलहाल चुप्पी साधने को कहा गया है। यह भी कहा गया है कि विवादित मुद्दों पर अपनी तरफ से कुछ बोलने की बजाय सिर्फ यह साफ करें कि पार्टी का क्या फोकस है और सरकार विकास के अजेंडे पर चल रही है।

ज्ञानवापी पर कोई भी बयान ने देने की सलाह
सूत्रों के मुताबिक दिल्ली बीजेपी के नेताओं से तो साफ कह दिया गया है कि वह हिंदू-मुस्लिम मुद्दों से दूर रहें साथ ही ज्ञानवापी पर भी कोई बयान देने की जरूरत नहीं है। दिल्ली बीजेपी नेताओं से कहा गया है इन मुद्दों पर सोशल मीडिया पर भी कोई कमेंट ना करें। उनसे कहा गया है कि वे सिर्फ दिल्ली से जुड़े मुद्दों पर फोकस करें और उन्हीं पर कोई कमेंट करें।