वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanvpi Masjid Case) मामले की सुनवाई इलाहाबाद हाई कोर्ट में शुरू हो गई है। इस बारे में आज यानी मंगलवार को फैसला होगा कि सर्वे का काम जारी रहेगा या फिर नहीं। वीडियोग्राफी कराने वाले कोर्ट कमिश्नर (court comissioner) को बदलने की याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने 10 मई का समय दिया। अब तक जितना सर्वे का काम हुआ है, उसकी भी रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी जानी है। बताया जा रहा है कि कोर्ट की सुनवाई शुरू होने पर मुस्लिम कमिटी ने और समय मांगा है।



दरअसल, इस मामले पर सोमवार को हुई सुनवाई के बाद अदालत ने मंगलवार का समय दिया है। सोमवार को कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनी। मंगलवार को ही सुनवाई के बाद तय होगा कि कोर्ट कमिश्‍नर अजय मिश्रा होंगे या कोई और। सुनवाई के दौरान वादी पक्ष ने एक नई एप्‍ल‍िकेशन दाखिल करके मस्जिद के अंदर जाने से रोकने वालों को हटाने की बात कही है।

इससे पहले सोमवार को पांच प्रमुख महिला याचिकाकर्ताओं में से एक राखी सिंह के शिवम गौड़ ने साफ किया कि राखी अपना मुकदमा वापस नहीं लेंगी। राखी सिंह ने रविवार को मुकदमा वापस लेने का ऐलान करके सबको चौंका दिया था। लेकिन राखी सिंह के वकील शिवम गौड़ ने इसे महज अफवाह बताया। शिवम गौड़ ने कहा कि राखी सिंह अपना मुकदमा वापस नहीं लेंगी और मुख्यवादी के वकील के तौर पर वो इस केस को लीड करेंगे।

सर्वे में वादी और प्रतिवादी दोनों पक्षों को सर्वे के दौरान कार्यवाही में शामिल होने का आदेश दिया था। सर्वे की कार्यवाही दो दिनों चली लेकिन इन दोनों दिनों में राखी सिंह नदारद थी। रविवार को भी जब अचानक विश्व वैदिक सनातन संघ की ओर से मुकदमा वापस लेने की बात कही गई तो भी खुद राखी सिंह सामने नहीं आई। लगातार राखी सिंह का मोबाइल स्विच ऑफ जा रहा है।

मरते दम तक लड़ेंगे मुकदमा.. वादी महिलाओं की हुंकार
मुकदमा वापस लेने की खबरों के बीच अन्य चार महिलाएं जिनमें मंजू व्यास, लक्ष्मी देवी, सीता साहू और रेखा पाठक थी। इन लोगों ने रविवार को दोपहर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके मरते दम तक इस मुकदमे को लड़ने की बात कही थी। दिनभर चले कयासों के दौर के बीच आज राखी सिंह के वकील ने भी यह स्पष्ट किया कि राखी सिंह भी अपना मुकदमा वापस नहीं लेंगी, लेकिन अब तक राखी सिंह खुद सामने नहीं आई हैं।