रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध की शुरुआत से ही दुनिया भर में चिंता शुरू हो गई थी कि महंगाई (Inflation) बढ़ना तय है. भारत पर भी असर दिखाई देने लगा है लेकिन असली आंच अभी तक नहीं आई है. इसका कारण है भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों (Prices of Petrol and Diesel) में कोई बदलाव न होना. ईंधन की कीमतों में बढ़ोत्तरी (Rise in fuel prices) इसलिए नहीं हुई है क्योंकि इस समय देश में विधानसभा चुनाव (Assembly Election) हो रहे हैं.
7 मार्च को उत्तर प्रदेश में (7th Phase voting in UP) आखिरी चरण का मतदान होना है. इसके ठीक बाद भारत की तेल विपणन कंपनियां (IOCL, HPCL and BPCL) कीमतों को बढ़ा सकती हैं. हम सभी जानते हैं कि तेल की कीमतों के बढ़ते ही देश भर में हर एक चीज महंगी होने लगती है फिर चाहे फल हो, सब्ज़ी (Fruits and Vegetables) हो या Grocery हो.