देश में पहले से ही कोरोना ने आतंक मचाया हुआ है. वहीं कोरोना के नए-नए वेरिएंट भी लोगों के मन में डर को पैदा किए हुए हैं. इसी बीच अब एक और वायरस दुनिया के सामने आया है, जिसका नाम है लासा वायरस (Lassa Virus). स्वास्थ्य अधिकारियों ने पहले ही चेतावनी दे दी है कि यह वायरस भी महामारी का रूप ले सकता है. ऐसे में सतर्कता बरतने की जरूरत है. खास तौर पर जो लोग ट्रैवल कर रहे हैं उन्हें पता होना चाहिए कि इस बीमारी के क्या लक्षण (Lassa Fever symptoms) हैं. साथ ही इस बमारी से किस प्रकार से बचा (Lassa Fever prevention) जा सकता है.
लासा वायरस के कारण व्यक्ति को लासा बुखार (Lassa Fever) हो जाता है. बता दें कि यह एक गंभीर हीमोरेजिक बीमारी (Hemorrhagic) होती है. इस वायरस का संबंध एरेनावाइरस (Arenavirus) परिवार से है. इसके शुरुआती लक्षण लोगों को नजर नहीं आते हैं. हालांकि यह खतरनाक समस्या है, जिसके लक्षणों के बारे में पता होना जरूरी है. यह संक्रमण चूहों के माध्यम से फैलता है. यदि कोई व्यक्ति चूहे के मल, मूत्र या उनके दूषित खाने के संपर्क में आता है तो लासा वायरस की समस्या हो सकती है. इसके अलावा यदि कोई व्यक्ति संक्रमित व्यक्ति के तरल पदार्थ के संपर्क में आता है तब भी यह समस्या हो सकती है। हालांकि ये वायरस कोरोनावायरस की तरह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है. अगर इसकी इनक्यूबेशन रेंज (Incubation Period) की बात की जाए तो वे लगभग 10 दिन होती है. बता दें कि वायरस के लिए कोई टीका अभी तक मौजूद नहीं है लेकिन एंटीवायरल दवा रिबाविरिन (Ribavirin)व्यक्ति को दी जाती है.
लासा बुखार के लक्षण
लासा बुखार के गंभीर लक्षण की बात की जाए तो मरीज कोमा में जा सकता है या उसकी मृत्यु भी हो सकती है.
लासा बुखार से बचाव
लासा बुखार से निम्न तरीकों से बचा जा सकता है-