रूस-यूक्रेन में जंग की आहट भारत समेत दुनियाभर में पहुंच चुकी है। यूक्रेन में जंग के खतरे से पूरी दुनिया में डर का माहौल है। लोगों में इस बात का सबसे ज्यादा डर है कि कहीं यह युद्ध तीसरे विश्वयुद्ध में न बदल जाए। दरअसल, रूस ने यूक्रेन पर हमले की तैयारी कर ली है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पूर्वी यूक्रेन में सैनिकों को भेजने का आदेश दिया है। इसके चलते दुनिया में तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। इस बीच यूक्रेन ने भी युद्ध की स्थिति में पीछे न हटने के संकेत दिए हैं। रूस-यूक्रेन में बढ़ते तनाव के बीच दुनियाभर के शेयर बाजारों में बिकवाली हावी हो गया है। भारत भी इससे अछूता नहीं है, भारतीय शेयर बाजार (Indian share Market) लगातार लुढ़क रहे हैं। विशेषज्ञों की मानें तो रूस अगर यूक्रेन पर हमला करता है तो इसका भारत पर भी भयानक असर पड़ेंगे। आइए जानते हैं इस तनाव के चलते भारत पर क्या असर पड़ेगा?
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष का बाजार पर बेहद बुरा असर पड़ेगा। गोल्डमैन सैक्स के अनुसार, यूक्रेन संकट से अमेरिकी शेयर पिछले शुक्रवार के बंद से करीब से 6% और नीचे जा सकते हैं। गोल्डमैन सैक्स ग्रुप इंक के अनुसार, यूरोप और जापान में बदतर नुकसान के साथ, ग्लोबल कारोबार के लिए उथल-पुथल का माहौल पैदा कर रहे हैं। भू-राजनीतिक के कारण एसएंडपी 500 इंडेक्स में औसतन लगभग 6% से 8% बिकवाली का दबाव बन सकता है। नैस्डेक समेत अमेरिकी बाजारों में तेज गिरावट की आंच भारतीय बाजारों तक पहुंच रही है। बढ़े हुए तनाव और युद्ध की आशंकाओं के बीच केवल पांच दिनों की अवधि में बीएसई-सूचीबद्ध कंपनियों के बाजार पूंजीकरण को 9.1 लाख करोड़ रुपये तक कम कर दिया है। 16 फरवरी के बाद से बाजार में लगातार गिरावट देखी जा रही है। एक्सपर्ट की मानें तो बाजार में बिकवाली हावी रहेगा। ऐसे में भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों को तगड़ा नुकसान हो सकता है।
क्रूड ऑयल की कीमतों में इजाफा
यूक्रेन संकट के बीच कच्चे तेल की कीमत (Crude oil) अंतरराष्ट्रीय बाजार में 7 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। मंगलवार को क्रूड ऑयल में 2.03 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है, इसके बाद यह भाव 97 डाॅलर से अधिक पर पहुंच गया है। एक्सपर्ट के मुताबिक, क्रूड ऑयल की कीमतों में बढ़ोतरी तो होगी और 100 डाॅलर तक पहुंच सकता है। मार्केट जानकारों के अनुसार, अगर अंतराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ती रहीं तो उसका पूरा असर घरेलू बाजार पर पड़ेगा। इससे भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों (Petrol-Diesel prices) में बड़ा इजाफा हो सकता है।
भारतीय रुपये में गिरावट
पूर्वी यूरोप में तनाव बढ़ने से मंगलवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 24 पैसे गिरकर 74.79 पर आ गया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा में रुपया (Indian Currency) अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 74.71 पर खुला, फिर पिछले बंद से 24 पैसे की गिरावट दर्ज करते हुए 74.79 पर और फिसल गया। रिलायंस सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट श्रीराम अय्यर ने कहा, "यूक्रेन संकट बढ़ने की आशंका के चलते कच्चे तेल की कीमतों में मंगलवार की सुबह तेजी थी, जबकि अधिकांश एशियाई और उभरते बाजार के साथी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर थे।"