हिन्दू कैलेंडर के अनुसार माघ मास (Magh Month) संवत्सर का 11वां महीना होता है। इस माह को दान पुण्य और पूजा पाठ के हिसाब के काफी खास माना गया है। इस मास की अमावस्या माघी अमावस्या (Maghi Amavasya) के नाम से जानी जाती है।
हिंदू मान्यताओं के अनुसार इस दिन मनु ऋषि का जन्म हुआ था, इस कारण इस दिन को मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) भी कहते हैं। मौनी अमावस्या पर गंगा स्नान (Ganga Snan) और व्रत का विशेष महत्व माना गया है। कहा जाता है कि इस दिन गंगा में स्नान करने से व्यक्ति के सभी पाप धुल जाते हैं। ऐसे में इस बार यानि अंग्रेजी कैलेंडर की 1 फरवरी को मौनी अमावस्या तिथि पड़ रही है। तो चलिए जानते हैं इस दिन का महत्व, शुभ मुहूर्त और नियम—
मौनी अमावस्या 2022 के शुभ मुहूर्त
इस बार माघ अमावस्या तिथि की शुरुआत सोमवार, 31 जनवरी को देर रात 02 बजकर 18 मिनट पर होगी और इसका समापन अगले दिन यानि मंगलवार 01 फरवरी को सुबह 11 बजकर 15 मिनट पर होगा।
मौनी अमावस्या के दिन मौन रहने का अर्थ यह है कि हम स्वयं के अंतर्मन में झांके, ध्यान करें और प्रभु की भक्ति करें। यानि इस दौरान केवल मुंह से ही मौन न रहकर अपने अंतरमन को भी विचलित होने से बचाएं और प्रभु भक्ति में लगाएं।
मौनी अमावस्या के ये हैं नियम
मौनी अमावस्या के नियमों के तहत इस दिन ब्रह्म मुर्हूत में यानि सूर्योदय से पहले उठकर मन में व्रत का संकल्प लें और मौन धारण करें। इस दौरान मन में प्रभु नारायण का मन में जाप करते रहें। यदि आप गंगा घाट पर नहीं जा सकते, तो ऐसी स्थिति में घर में गंगा जल में पानी मिलाकर स्नान कर लें।
मौनी अमावस्या का महत्व
धार्मिक मान्यताओं में मौनी अमावस्या के दिन गंगा नदी का जल अमृत के समान माना गया है। इसमें देवताओं का वास होने के चलते इस दिन गंगा स्नान का महत्व अत्यंत खास हो जाता है। इसके अलावा इस दिन मौन व्रत का भी विशेष महत्व है, माना जाता है कि ऐसा करने से व्रत का पुण्य अत्यधिक बढ़ जाता है।